शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

सुरक्षित कार्यस्थल, स्वस्थ संगठन

सुरक्षित कार्यस्थल, स्वस्थ संगठन

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प्रतीकात्मक चित्र साभार NightCafe 



भारत के आईटी सेक्टर में महिला यौन उत्पीड़न (sexual harassment) के मामले हाल ही में बेहद गंभीर रूप ले चुके हैं। TCS नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण और HR मैनेजर की गिरफ्तारी जैसे आरोपों ने पूरे सेक्टर में सनसनी मचा दी है। इंफोसिस पुणे जैसे अन्य मामलों ने भी इस विवाद को और गहरा किया है। 


ऐसे में मानव संसाधन प्रमुख (HR Head) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे संगठन की संस्कृति, नीतियों और कर्मचारी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं।


संगठनों को कार्यस्थल को सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी (inclusive) बनाना चाहिए। यह केवल कानूनी अनुपालन (compliance) तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक परिवर्तन की मांग करता है। नीचे कुछ व्यावहारिक उपाय दिए गए हैं -


1. कार्यस्थल को बेहतर बनाने के व्यावहारिक उपाय


HR Head को नेतृत्व लेते हुए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए - 


- स्पष्ट POSH नीति बनाएँ और लागू करें 

  10 या अधिक कर्मचारियों वाले हर संगठन को Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 (POSH Act) के तहत यौन उत्पीड़न विरोधी नीति बनानी चाहिए। इसमें यौन उत्पीड़न की स्पष्ट परिभाषा, शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance), रिपोर्टिंग प्रक्रिया और परिणामों का उल्लेख होना चाहिए। इस नीति को कंपनी की वेबसाइट, इंटरनल पोर्टल और नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से (Prominently) प्रदर्शित किया जाए।


- आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करें  

  10 या अधिक कर्मचारियों वाले हर संगठन में ICC का गठन अनिवार्य है। इसमें कम से कम 4 सदस्य हों — पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी, एक बाहरी सदस्य (NGO से) और अन्य सदस्य। HR Head को ICC को पूर्ण सहयोग देना चाहिए। हर शिकायत की जांच ICC द्वारा 90 दिनों के अंदर पूरी की जाए तथा पूर्ण गोपनीयता बनाए रखी जाए।


- नियमित जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित करें  

  सभी कर्मचारियों के लिए वर्ष में कम से कम दो बार POSH जागरूकता प्रशिक्षण अनिवार्य करें। ICC सदस्यों के लिए अलग से विशेष ट्रेनिंग का प्रबंध करें। प्रशिक्षण इंटरैक्टिव और केस स्टडी आधारित हो।


- सुरक्षित रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित करें  

  ईमेल, हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा दें। प्रतिशोध (retaliation) से पूर्ण सुरक्षा की गारंटी दें। शिकायतकर्ता को आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग और अवकाश उपलब्ध कराएँ।


- सकारात्मक संगठनात्मक संस्कृति विकसित करें   

  शीर्ष प्रबंधन से “Zero Tolerance” का स्पष्ट संदेश आए। विविधता और समावेशी (Diversity & Inclusion - D&I) नीति लागू करें जिसमें लिंग समानता, नाइट शिफ्ट सुरक्षा, फ्लेक्सिबल वर्किंग आदि शामिल हों। नियमित कर्मचारी सर्वेक्षण और ऑडिट कराएँ ताकि पता चल सके कि कर्मचारी कार्यस्थल को कितना सुरक्षित मानते हैं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम भी चलाएँ।


- वार्षिक रिपोर्टिंग और ऑडिट सुनिश्चित करें  

  POSH Act के तहत वार्षिक रिपोर्ट फाइल करें। बाहरी ऑडिट करवाएँ ताकि अनुपालन में कोई कमी न रह जाए।


सारांश


यदि संगठन उपरोक्त कदम उठाता है, तो न केवल कानूनी जोखिम कम होगा, बल्कि कर्मचारियों की उत्पादकता, रिटेंशन और कंपनी की ब्रांड छवि भी मजबूत होगी। एक अच्छा कार्यस्थल वह है जहाँ हर कर्मचारी, खासकर महिलाएँ, सम्मान और सुरक्षा महसूस करें। यह केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।


सुरक्षित कार्यस्थल = स्वस्थ संगठन


सादर, 

केशव राम सिंघल 

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रविवार, 12 अप्रैल 2026

कथ्य-विशेष : अंतःकरण चतुष्टय और मैं

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सादर,
केशव राम सिंघल