बेबी बूमर्स - हमारी पीढ़ी
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मैं 'बेबी बूमर्स' पीढ़ी का सदस्य हूँ, जो दुनिया की सबसे प्रभावशाली पीढ़ियों में से एक रही है। इस वर्ग में वे लोग आते हैं जिनका जन्म 1946 से 1964 के बीच हुआ। जब हमारी पीढ़ी का आगमन हुआ, तब तक द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो चुका था और पूरे विश्व में शांति व आर्थिक सुधार का दौर शुरू हो रहा था। उस समय दुनिया भर में जन्म दर में एक बहुत बड़ा उछाल आया, जिसके कारण ही इस पीढ़ी को 'बेबी बूमर्स' का नाम मिला।
हमारी पीढ़ी के लोग काम के प्रति बेहद समर्पित रहे हैं और हमने अपनी कड़ी मेहनत से आर्थिक समृद्धि के नए आयाम देखे हैं। टेलीविजन और कार सहित तमाम आधुनिक घरेलू उपकरणों का विस्तार हमारे ही सामने हुआ। आज इस पीढ़ी के लोग सीनियर सिटिज़न्स हैं, जिनकी उम्र 62 से 80 वर्ष के बीच है और अधिकांश लोग परिवारों में दादा-दादी या नाना-नानी की भूमिका निभा रहे हैं। हम आज भी पारंपरिक मूल्यों, आर्थिक सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारी को ही सर्वोपरि मानते हैं।
सादर,
केशव राम सिंघल

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