रविवार, 7 जून 2026

बैंक खाता पोर्टेबिलिटी

बैंक खाता पोर्टेबिलिटी

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भारत में Bank Account Portability (बैंक खाता पोर्टेबिलिटी) को लेकर हाल ही में महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। RBI ने अपनी Payments Vision 2028 में Payments Switching Service (PaSS) नामक एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत ग्राहक भविष्य में बैंक बदल सकेंगे लेकिन अपना खाता नंबर वही रख सकेंगे। यह उसी के समान है जैसे हम अपने मोबाइल की पोर्टेबिलिटी करवाते हैं कि सर्विस प्रोवाइडर तो बदल जाता है पर मोबाइल नंबर वही रहता है। 


इसका अर्थ यह है कि आज यदि कोई व्यक्ति एक बैंक से दूसरे बैंक में जाना चाहता है, तो उसे नया खाता खोलना पड़ता है और फिर उसे -


- वेतन (Salary) के लिए नए बैंक खाते की जानकारी देनी पड़ती है,

- EMI निर्देश अपडेट करने पड़ते हैं,

- SIP, बीमा प्रीमियम और ऑटो-डेबिट बदलने पड़ते हैं,

- UPI और अन्य भुगतान व्यवस्थाएँ पुनः सेट करनी पड़ती हैं।


प्रस्तावित व्यवस्था में ग्राहक बैंक बदल सकेगा, खाता संख्या वही रहेगी, उससे जुड़े भुगतान निर्देश स्वतः नए बैंक में स्थानांतरित हो सकेंगे। 


यह सुविधा अभी लागू नहीं हुई है। RBI इस पर कार्य कर रहा है और इसे Payments Vision 2028 के अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए तकनीकी और परिचालन ढाँचा विकसित किया जाना है।


ग्राहकों को इससे बहुत लाभ होगा। वे बेहतर सेवा देने वाले बैंक में आसानी से अपने खाते का स्थानांतरण करवा सकेंगे। बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। खाता बदलने का झंझट और कागजी कार्यवाही कम होगी। EMI, SIP, बीमा और वेतन जैसी सेवाओं में व्यवधान नहीं आएगा।


वैसे भारत में कई वर्षों से RBI ने एक ही बैंक की विभिन्न शाखाओं के बीच खाता स्थानांतरण (Intra-bank Portability) की अनुमति दी हुई है, जिसमें ग्राहक शाखा बदल सकता है और खाता संख्या वही रहती है। कुछ बैंकों ने यह सुविधा पहले से लागू कर रखी है।


सार रूप में कहा जा सकता है कि भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी लाने की दिशा में RBI गंभीरता से कार्य कर रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो ग्राहक बिना खाता संख्या बदले बैंक बदल सकेंगे। फिलहाल यह एक प्रस्तावित व्यवस्था है और इसके कार्यान्वयन की प्रतीक्षा है।


अधिक जानकारी के लिए RBI के Payments Vision 2028 दस्तावेज का अध्ययन किया जा सकता है, जिसमें Payments Switching Service (PaSS) सहित डिजिटल भुगतान क्षेत्र की भावी रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।


सादर,

केशव राम सिंघल

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